# Campaign Structures in Meta Ads (Beginner Friendly) - Umar Tazkeer Channel: Umar Tazkeer Video: https://www.youtube.com/watch?v=zbPj9hohX5Q Duration: 11 min Language: Hindi Words: 2527 Transcript page: https://viewrankai.com/tools/youtube-transcript/zbPj9hohX5Q --- [0:00] आज के इस पर्टिकुलर वीडियो में हम लोग बात करने वाले हैं डिफरेंट-डिफरेंट मेटा एड्स के कैंपेन स्ट्रक्चर्स के बारे में। आखिर हम ये डिफरेंट टाइप्स की कैंपेन स्ट्रक्चर्स क्यों बनाते हैं? और अगर टेस्टिंग करने के पॉइंट ऑफ व्यू से बना रहे हैं तो किस टाइम पर क्या चीज हम लोग टेस्ट कर रहे होते हैं? बिगिनर्स के लिए बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट ये वीडियो होने वाला है। क्योंकि उन्हें सबसे ज्यादा कंफ्यूजन रहता है कि सर एक कैंपेन के अंदर दो एडसेट बनाए, तीन बनाए, एक एडसेट के अंदर कितने क्रिएटिव्स रखें और क्यों रखें। सो सबसे पहले हम लोग बात करेंगे फोर स्ट्रक्चर्स की और ये सारे जो स्ट्रक्चर्स [0:29] हैं ये टेस्टिंग पर्पजेस के पॉइंट ऑफ व्यू से हम लोग बनाते हैं। तो उसी के पॉइंट ऑफ व्यू से हम लोग बात करने वाले हैं। सबसे पहला जो हमारा स्ट्रक्चर होगा वो क्रिएटिव टेस्टिंग को फुलफिल करेगा। अब यहां पर अगर आप ध्यान से देखें तो हमने एक कैंपेन बनाना है। एक कैंपेन के अंदर हमने एक एडसेट रखा हुआ है और एक एडसेट के अंदर हम लोगों ने डिफरेंट यहां पर जो है वो एड्स रखे हुए हैं। अब जैसे एक टेस्टीिमोनियल वीडियो हो गया। एक प्रॉब्लम सॉल्यूशन वीडियो हो गया। एक फाउंडर वीडियो हो गया। स्टैटिक इमेज हो गई। एक क्राउज़ल इमेज हो गई। तो इस कैंपेन का स्ट्रक्चर किस टाइप [0:57] का है कि एक कैंपेन हो गया। उसके बाद एक एडसेट हो गया। और उसके बाद यहां पर मल्टीपल जो आपके एड्स हैं वो हो गए। जैसे ऐड वन, ऐड टू, ऐड थ्री। अब यहां पर हम लोग कर रहे हैं क्रिएटिव टेस्टिंग। तो ये जो एडसेट है इसके अंदर हम लोग जो अपनी ऑडियंस है वो या तो ब्रॉड रखना चाह तो ब्रॉड रख सकते हैं। अगर हम कोई इंटरेस्ट बेस्ड ऑडियंस एज सजेशन हम यूज करना चाहें तो वो हम यूज कर सकते हैं। तो यहां पर बेसिकली हम लोग क्रिएटिव टेस्टिंग कर रहे हैं। सो इस स्ट्रक्चर को आपको तब यूज़ करना है जब आपको ऑलरेडी पता है कि आपकी टारगेट ऑडियंस [1:23] क्या है। मतलब आप श्योर हो कि मेरे को ब्रॉड ऑडियंस के साथ जाना है या मेरे को इंटरेस्ट बेस्ड ऑडियंस के साथ जाना है। तो यहां पर फिर एडसेट लेवल पर कुछ भी आपको टेस्टिंग करने की जरूरत नहीं है। व्हेन यू वांट टू इंप्रूव सीपीएल और सीपीए बिकॉज़ जब यह डिफरेंट-डिफरेंट टाइप्स के आप ऐड टेस्ट करेंगे तो इनकी जो मेन केपीआई आपकी है कि यह वाला क्रिएटिव कैसा परफॉर्म कर रहा है ये वाला कैसा परफॉर्म कर रहा है ये वाला कैसा परफॉर्म कर रहा है तो वो जो आप परफॉर्मेंस है वो बेसिकली आप सीपीएल या फिर सीपी यानी कॉस्ट ऑफ एक्वज़िशन के ही बेसिस पे आप जज करेंगे। इसलिए आप मल्टीपल [1:50] एड्स जो है वो यहां पर मेंशन करते चले जाते हैं। एकिस्टिंग एड्स आर शोइंग फटीग। सो आपको इसी में इसी एडसेट में बेसिकली और एड्स ऐड करते रहने हैं। यू नीड न्यू एड्स फॉर स्केलिंग पर्पसेस। क्योंकि मान के चलते हैं अगर आप यहां पर ₹5,000 पर डे का बजट जो है वो यूज़ कर रहे हैं और आप और ज्यादा क्रिएटिव्स को टेस्ट करना चाहते हैं या और ज्यादा जो है वो स्केल करना चाहते हैं। उस पर्टिकुलर सिनेरियो में आपको और ज्यादा यहां पर एड्स को लगाना पड़ेगा। सो ये हमारा क्रिएटिव टेस्टिंग वाला एक कैंपेन स्ट्रक्चर हो गया। सेकंड हम कैंपेन स्ट्रक्चर के अगर पॉइंट ऑफ व्यू [2:21] से बात करें तो दैट इज़ बेसिकली ऑडियंस टेस्टिंग। अब एक चीज समझो। ऑडियंस टेस्टिंग किस लेवल पर होती है? ऐड ग्रुप लेवल पर। ऑडियंस का जो ऑप्शन आपको मिलता है वो ऐड ग्रुप लेवल पर ही मिलता है। तो अगर आपको ऑडियंस टेस्टिंग करनी है तो आपको ऐड ग्रुप सेग्रगेट जो है वो करने होंगे। बट मेटा का सिस्टम क्या बोलता है? कि आप कंसोलिडेशन के ऊपर काम करें। बिकॉज़ आप जब कंसोलिडेशन के ऊपर काम करते हैं तो आप ज्यादा से ज्यादा जो डेटा है वो मेटा के एल्गोरिदम्स को दे पाते हैं। कहने का मतलब आप कैंपेस को तभी स्प्लिट करें जब वाकई में उसकी जरूरत हो। या आप एडसेट को तभी आप [2:49] स्प्लिट करें जब वाकई में उसकी जरूरत है। अगर बिना स्प्लिट किए काम चल रहा है और चीजों को आप टेस्ट कर पा रहे हैं तो फिर आप कंसोलिडेशन में ही टेस्ट करने की कोशिश करें। जैसे यहां पर अगर आप देखें तो हमने ना तो कैंपेन को स्प्लिट किया है ना ही हमने यहां पर एडसेट को स्प्लिट किया है। हम यहां पर डिफरेंट-डिफरेंट क्रिएटिव्स को यूज़ करके अपनी टेस्टिंग कर रहे हैं। वहीं पर जब हम ऑडियंस टेस्टिंग की बात करते हैं तो आप देखो क्या लिखा हुआ है हमने? सेम क्रिएटिव बट डिफरेंट ऑडियंसेस। अब यहां पर आपके दिमाग में आएगा सर हम डिफरेंट ऑडियंसेस में डिफरेंट क्रिएटिव्स क्यों [3:16] नहीं टेस्ट कर रहे हैं? वो इसलिए नहीं टेस्ट कर रहे हैं क्योंकि फिर आपको पता नहीं चलेगा कि क्रिएटिव ने काम किया या ऑडियंस ने काम किया। जब हम ऑडियंसेस को डिफरेंट-डिफरेंट रखेंगे और सेम क्रिएटिव रखेंगे। अब हमें पता है ना कि ये वाला क्रिएटिव ही सारे डिफरेंट-डिफरेंट ऐड ग्रुप्स के अंदर डिफरेंट-डिफरेंट ऑडियंसेस के साथ जा रहा है। तो हमें पता चल जाएगा कौन सी ऑडियंस जो है वो काम कर रही है और कौन सी ऑडियंस नहीं काम कर रही। तो अगर आप यहां पर देखेंगे तो एक कैंपेन के अंदर हम एक एडसेट के अंदर ब्रॉड ऑडियंस को टेस्ट कर रहे हैं। सेकंड एडसेट के अंदर अगर आप [3:41] देखें तो इंटरेस्ट बेस्ड ऑडियंस को टेस्ट कर रहे हैं। थर्ड एडसेट के अंदर हम लोग लुक लाइक ऑडियंस को टेस्ट कर रहे हैं। सेम वीडियो ऐड यहां पर भी है। सेम वीडियो ऐड यहां पर भी है। [गला साफ़ करने की आवाज़] सेम वीडियो ऐड यहां पर भी है। कॉस्ट पर रिजल्ट, लीड क्वालिटी, कन्वर्शन रेट, कैक के ऊपर अगर आपको काम करना है, तो ब्रॉड ऑडियंस के साथ आपको जाना है। अगर आप नई मार्केट में एंटर करना चाह रहे हैं। कोई नया ऑफर आप ल्च कर रहे हैं। कंपेयर करना चाह रहे हैं ब्रॉड और इंटरेस्ट को टेस्ट करने के पॉइंट ऑफ़ व्यू से प्रोस्पेक्टिंग करना चाहते हैं किसी ऑडियंस के पॉइंट ऑफ़ [4:06] व्यू से तो वहां पर आप इंटरेस्ट बेस्ड वाली ऑडियंस एडसेट टू के अंदर जो है वो रखते हैं। बट कैंपेन का स्ट्रक्चर जो है वो समझने की कोशिश करें। यहां पर मल्टीपल एडसेट्स को यूज़ किया जा रहा है। एडसेट वन, एडसेट टू, एडसेट थ्री सबके अंदर जो है वो हम लोग डिफरेंट-डिफरेंट ऑडियंसेस को रख रहे हैं। बट क्रिएटिव्स को हम लोग सेम रख रहे हैं। यहां पर हमारी लुक लाइक ऑडियंस हो गई। ईच ऑडियंस गेट्स अ कंट्रोलोल्ड कंपेरेबल टेस्टिंग बजट। इसलिए इस वाले स्ट्रक्चर को आप एबीओ में रख दें क्योंकि हो सकता है कि जब आप सीबीओ में रखें तो इसको ही सारा बजट मिल जाए। इसको बजट ही ना [4:34] मिले और इसको बजट ही ना मिले तो फिर काहे की ऑडियंस टेस्टिंग? जब आप कोई चीज टेस्ट कर रहे हैं जैसे ऑडियंस टेस्टिंग यहां पर एडसेट लेवल पर कर रहे हैं और एडसेट लेवल पर ही आपको बजट मेंशन करने का जो ऑप्शन है वो मिलता है तो आप एडसेट बजट ऑप्टिमाइजेशन के बेसिस पे यानी एडसेट लेवल पर बजट यहां पर मेंशन करते हैं कि 1000 मैंने यहां पर बजट दिया। 1000 मैंने यहां पर दिया, 1000 मैंने यहां पर दिया। नाउ तीनों ही एडसेट्स को मैं टेस्ट करना चाहता हूं। थर्ड इज़ बेसिकली ऑफर टेस्टिंग। अब ऑफर टेस्टिंग हम करेंगे किस तरीके से? क्योंकि ऑडियंसेस सेलेक्ट करने का तो ऑप्शन मिलता है। [5:02] क्रिएटिव सेलेक्ट करने का ऑप्शन मिलता है। ऑफर सेलेक्ट करने का ऑप्शन तो हमें टैट्स के अंदर मिलता नहीं है। तो ऑफर टेस्टिंग का क्या मतलब है? ऑफर टेस्टिंग का मतलब है कि क्रिएटिव्स के थ्रू ही आप अपने डिफरेंट-डिफरेंट टाइप्स के ऑफर्स को डिफरेंट ऑडियंसेस के सामने जो है वो टेस्ट करना चाहते हैं। अगेन टेस्टिंग का जो बेसिक फंडामेंटल है वो क्या है? कि जिस चीज को आपको टेस्ट करना है। बस उसी को आप चेंज करेंगे। बाकी सारी की चीजों को आपको जो है वो कांस्टेंट रखना है। तो यहां पर भी हमने मेंशन किया हुआ है सेम ऑडियंस रहेगी बट डिफरेंट ऑफर्स रहेंगे। जो डिफरेंट ऑफर्स हैं आपके वो डिफरेंट [5:30] क्रिएटिव्स के फॉर्म में जो है वो रहने वाले हैं। तो यहां पर अगर आप देखेंगे तो हमारा जो कैंपेन का स्ट्रक्चर है वो क्या होगा? कैंपेन का नाम हमने ऑफर टेस्टिंग रख दिया। एडसेट के अंदर हम लोग ऑडियंस नहीं बदल रहे हैं। ठीक है? और उसके बाद अगर आप देखेंगे तो एड्स तो ऐड वन हो गया हमारा। ऐड टू हो गया हमारा और ऐड थ्री हमारा हो गया। ऐड वन में हम फ्री कंसल्टेशन को प्रमोट कर रहे हैं। ऐड टू में हम फ्री ऑडिट को प्रमोट कर रहे हैं। ऐड थ्री के अंदर हम लोग फ्री स्ट्रेटजी सेशन को प्रमोट कर रहे हैं। तो यहां पर क्या हम [5:53] क्रिएटिव टेस्टिंग कर रहे हैं। अगर डायरेक्टली देखा जाए तो एक ही ऑफर के लिए हम क्रिएटिव टेस्टिंग नहीं कर रहे हैं। बल्कि डिफरेंट-डिफरेंट क्रिएटिव्स के थ्रू डिफरेंट-डिफरेंट ऑफर्स को हम टेस्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। कौन सी चीज हमारे लिए काम करेगी या नहीं करेगी। इसके बाद एक और बहुत ही इंपॉर्टेंट टाइप की टेस्टिंग है। दैट इज़ बेसिकली कॉल्ड एस फनल टेस्टिंग। फनल टेस्टिंग में भी कैंपेन के स्ट्रक्चर्स या कैंपेन आपको किस तरीके से डिवाइस करने हैं काफी मायने रखते हैं। अब अगर मैं लीड जनरेशन बिज़नेस के पॉइंट ऑफ व्यू से बात करूं जहां पर आपको डिफरेंट बिज़नेसेस के लिए लीड्स को जनरेट करके लाना [6:20] होता है। तो वहां पर लीड जनरेट करने के डिफरेंट-डिफरेंट तरीके हो सकते हैं। आप लैंडिंग पेज के थ्रू लीड जनरेट कर सकते हैं। आप इंस्टेंट फॉर्म के थ्रू अगर करना चाहे तो इंस्टेंट फॉर्म के थ्रू कर सकते हैं। आप क्लिक टू WhatsApp कैंपेस के थ्रू जनरेट कर सकते हैं। आप मैसेंजर के ऊपर ट्रैफिक ले जाकर वहां पर जो लीड्स है वो जनरेट कर सकते हैं। तो ये सारी जो डिफरेंट एग्जांपल्स आप देख रहे हैं ये सारे के सारे डिफरेंट एग्जांपल्स डिफरेंट टाइप्स के फनल्स के एग्जांपल हैं। तो जब भी हमें फनल टेस्ट करनी होती है तो यहां पर देखो क्या लिखा हुआ है? दीज़ आर डिफरेंट लीड [6:47] पाथ्स ईच इन इट्स ओन कैंपेन। सो यू हैव टू क्रिएट अ डिफरेंट कैंपेन इफ यू वांट टू टेस्ट अ डिफरेंट फनल। कहने का मतलब एक ही कैंपेन के अंदर आप डिफरेंट फनल्स नहीं टेस्ट कर सकते। एक कैंपेन के अंदर से क्या टेस्ट कर सकते हैं? ऑडियंस अगर करना चाहे कर सकते हैं सर। क्रिएटिव्स अगर करना चाहे कर सकते हैं। ऑफर्स अगर करना चाहे कर सकते हैं। फनल्स अगर करना चाहें नहीं कर सकते। ठीक है? यहां पर देखो एव्री फनल प्रोड्यूसेस डिफरेंट लीड वॉल्यूम्स, लीड क्वालिटी, कन्वर्ज़ रेट्स, कॉस्ट एंड फॉलो अप रिक्वायरमेंट्स एंड दे शुड बी मेज़र्ड सेपरेटली। सो, पहला हमने कैंपेन बनाया लैंडिंग पेज लीड्स का। ठीक है? सेकंड हमने [7:20] कैंपेन बनाया इंस्टेंट फॉर्म लीड्स का। उसके बाद थर्ड हमने कैंपेन बनाया WhatsApp लीड्स का। अब इसके अंदर अगर आप ऑडियंस टेस्ट करना चाहते हैं इस वाले कैंपेन के अंदर तो फिर आप डिफरेंट-डिफरेंट एडसेट्स बनाएंगे। अगर आप क्रिएटिव टेस्ट करना चाहते हैं एक क्रिएटिव के अंदर डिफरेंट एड्स जो है वो आप बना लेंगे। ठीक है? इसके बाद मैंने यहां पर मेंशन किया हुआ सिस्टमैटिक मेटा अकाउंट सेपरेट्स डिस्कवरी फ्रॉम इन्वेस्टमेंट फ्रॉम कन्वर्शनंस। सो वही बात है कि जो डिफरेंट-डिफरेंट टाइप्स के आपके कैंपेन होते हैं इनके ही बेसिस पर आप समझ पाते हैं कि कौन सा कैंपेन मेरा डिस्कवरी के लिए कौन सा कैंपेन मेरा कन्वर्शन के पॉइंट ऑफ व्यू से किस कैंपेन [7:53] को केवल हम विजिबिलिटी के पॉइंट ऑफ व्यू से जो है वो रन कर रहे हैं। तो इसलिए बेसिकली तीन से चार डिफरेंट-डिफरेंट रोल्स होते हैं कैंपेन स्ट्रक्चर्स के पॉइंट ऑफ व्यू से। अब यहां पर थ्री कैंपेन रोल्स के बेसिस पे अगर हमें न्यू विनर्स जो हैं वो फिगर आउट करने हैं। तो देखिए कैंपेन स्ट्रक्चर किस टाइप का होगा। द टेस्टिंग कैंपेन। टेस्टिंग कैंपेन में हमने क्या किया? एबीओ वाला हमारा कैंपेन होने वाला है। एडसेट पे बजट ऑप्टिमाइज करेंगे हम लोग। एक एडसेट के अंदर हमने ब्रॉड रखा हुआ है। एक एडसेट के अंदर हमने इंटरेस्ट रखा हुआ है। यहां पर हमने तीन क्रिएटिव्स डाले हैं। यहां पर हमने तीन क्रिएटिव्स डाले [8:21] हैं। सो यहां पर हम लोग डिस्कवर करना चाह रहे हैं नए विनर्स को। व्हाट यू टेस्ट क्रिएटिव्स, ऑडियंसेस, हुक्स, ऑफर्स, लैंडिंग पेजेस, लीड फनल्स। यूज़ एबीओ व्हेन गारंटी टेस्ट बजट्स आर नॉन नेगोशिएबल। सो, यहां पर बेसिकली आप यह फिगर आउट कर रहे हो कि ब्रॉड वाली ऑडियंस से कौन से क्रिएटिव्स निकल के आ रहे हैं? इंटरेस्ट वाली ऑडियंस से कौन से क्रिएटिव्स निकल के आ रहे हैं। इसके बाद हम लोग स्केल करने जाएंगे। तो स्केलिंग के पॉइंट ऑफ व्यू से हम लोग सीबीओ को यूज कर रहे हैं यहां पर। सो विनिंग क्रिएटिव्स प्रूवन ऑडियंसेस। तो हमें पता है ब्रॉड ऑडियंस में जो हमारी ब्रॉड ऑडियंस थी इसमें हमारे कौन से [8:52] विनिंग एड्स थे उनको हम यहां पर डाल देंगे। जो हमारी दूसरी ऑडियंस थी यहां पर जो हमने इंटरेस्ट बेस्ड ऑडियंस रखी थी इनमें हमारे कौन से क्रिएटिव्स विन करके आ रहे हैं वो हम लोग यहां पर जो है वो मेंशन करते जाएंगे। सो सीबीओ वाला हमारा जो स्केलिंग कैंपेन है जो सीबीओ पे रहेगा उसमें अगर आप देखें तो दो एडसेट्स हैं एक ब्रॉड ऑडियंस का और सेकंड जो हमारा एडसेट है वो प्रूवन ऑडियंस का है। इसके अंदर हमारे विनर ऐड क्रिएटिव्स हैं। इसके अंदर हमारे ब्रॉड वाले विनर ऐड क्रिएटिव्स हैं। इसके अंदर हमारे जो इंटरेस्ट बेस्ड वाली ऑडियंस थी ये वाले हमारे विनिंग क्रिएटिव्स जो हैं वो हैं। इसी तरीके से [9:22] एक रीिटारगेटिंग कैंपेन भी होगा। तो यहां पर जो आप देख रहे हैं ना थ्री डिफरेंट कैंपेन रोल्स वही यहां पर मेंशन है जो हमारा पहला था डिस्कवर न्यू विनर्स को इन्वेस्ट मोर इन प्रूवन कैं कॉम्बिनेशंस एंड कन्वर्ट पीपल हु ऑलरेडी नो यू द रीिटारगेटिंग कैंपस। तो यहां पर रीटारगेटिंग कैंपेन हमने बनाया एट सेट हमने वॉर ऑडियंसेस डिफरेंट-डिफरेंट जो हमारे इंगेजर्स वगैरह हैं उन सबकी वॉर ऑडियंस जो है वो मेंशन कर दी और उसके बाद हम लोग क्रिएटिव्स रन करना शुरू कर देंगे। स्ट्रक्चर इज़ द डिसीजन बिफोर द स्पेंड। ऐड रन करने से पहले आपको डिफाइन करना पड़ेगा कि आप यह स्ट्रक्चर जो है वह क्यों बना [9:51] रहे हैं। इससे बेसिकली आप क्या टेस्ट करना चाहते हैं। तो वही यहां पर टेक अवे है। होल्ड वन वेरिएबल कॉन्स्टेंट सेपरेट द बजट्स कंसोलिडेट बाय डिफॉल्ट्स। तो ये तीन चीजों के अराउंड मेजरली आपने कैंपेन स्ट्रक्चर्स जो है वो बनाते हैं। आई थिंक सो ये एक बेसिक सा वीडियो आप लोगों को समझ में आया होगा। इस वीडियो से बहुत कुछ सीखा होगा। वीडियो पसंद आया वीडियो को लाइक जरूर करें। चैनल पर पहली बार आए हैं सब्सक्राइब करके जाए। डिजिटल मार्केटिंग से रिलेटेड बहुत सारा कंटेंट ऑलरेडी हमारे चैनल के ऊपर अवेलेबल है। इफ यू वांट टू एक्सप्लोर दैट। सिंपली गो टू आवर चैनल, सब्सक्राइब इट एंड स्टार्ट वाचिंग द [10:18] डिफरेंट कोर्सेस प्रेजेंट इन द प्लेलिस्ट। दैट्स इट फॉर दिस पर्टिकुलर वीडियो। सी इन द नेक्स्ट वीडियो। टिल देन गुड बाय। [10:34] जय जय जय --- About this transcript Read from YouTube's own caption track and laid out by ViewRank AI (https://viewrankai.com). 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